जमशेदपुर में महिलाओं के लिए शुरू की गई मैया सम्मान योजना अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है। योजना के वेरिफिकेशन प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में महिलाओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कहीं सर्वर डाउन है, तो कहीं दस्तावेजों की जांच में देरी — ऐसे में लाभुक महिलाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सुबह से ही वेरिफिकेशन केंद्रों के बाहर महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई महिलाएं छोटे बच्चों को लेकर पहुंचीं, जबकि कई बुजुर्ग महिलाएं भी भीषण गर्मी में अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं। लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों का काम पूरा नहीं हो सका।
महिलाओं का कहना है कि उन्हें बार-बार अलग-अलग दस्तावेज लाने के लिए कहा जा रहा है। किसी का आधार लिंक नहीं है, तो किसी का बैंक डिटेल अपडेट नहीं बताया जा रहा। सबसे बड़ी समस्या तकनीकी गड़बड़ी और धीमी प्रक्रिया को लेकर सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना का लाभ देने के नाम पर प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण आम महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई केंद्रों पर भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोगों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जांच जरूरी है और जल्द ही व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
मैया सम्मान योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन मौजूदा हालात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी कर पाता है, ताकि महिलाओं को राहत मिल सके और योजना का लाभ सही लोगों तक बिना परेशानी पहुंच सके।