झारखंड की कानूनी सत्ता में बड़ा बदलाव! राजीव रंजन ने छोड़ा पद, रोहिताश्व रॉय बने राज्य के नए एडवोकेट जनरल
रांची/जमशेदपुर: झारखंड की कानूनी और राजनीतिक गलियारों में सोमवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। राज्य के एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता रोहिताश्व रॉय को झारखंड का नया एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, राजीव रंजन ने व्यक्तिगत कारणों से अपना इस्तीफा सरकार को सौंपा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद सरकार ने अनुभवी विधि विशेषज्ञ रोहिताश्व रॉय पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त करने का फैसला किया।
रोहिताश्व रॉय झारखंड की न्यायिक और कानूनी दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। लंबे समय से उच्च न्यायालय में विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी कर चुके रॉय को संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों का गहरा अनुभव माना जाता है। कानूनी हलकों में उनकी नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक फैसला बताया जा रहा है।
महाधिवक्ता का पद किसी भी राज्य में बेहद अहम माना जाता है। यह पद राज्य सरकार का सर्वोच्च कानूनी सलाहकार होता है और अदालतों में सरकार का पक्ष रखने की जिम्मेदारी भी इसी कार्यालय की होती है। ऐसे में नए एडवोकेट जनरल के सामने राज्य सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की चुनौती होगी।
राजनीतिक और कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं है, बल्कि आने वाले समय में राज्य सरकार की कानूनी रणनीति और अदालतों में उसके रुख को भी प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल झारखंड की कानूनी बिरादरी की नजरें रोहिताश्व रॉय की नई भूमिका पर टिकी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे राज्य के सबसे महत्वपूर्ण कानूनी पद पर रहते हुए सरकार का पक्ष किस तरह मजबूती से रखते हैं और न्यायिक मामलों में क्या नई दिशा दिखाई देती है।सोशल मीडिया / थंबनेल हेडलाइन
“झारखंड में बड़ा कानूनी फेरबदल! राजीव रंजन का इस्तीफा, रोहिताश्व रॉय बने नए एडवोकेट जनरल”
