कांग्रेस का मोदी सरकार पर बड़ा हमला! ‘इजरायल के प्रति अंधभक्ति’ का आरोप, पश्चिम एशिया नीति पर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि भारत की विदेश नीति में संतुलन की कमी दिखाई दे रही है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अधिक व्यावहारिक एवं संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
हालांकि, पार्टी ने इसके साथ ही मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भारत ने हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया के मुद्दों पर अपनी पारंपरिक संतुलित नीति से दूरी बनाई है। उनका कहना है कि भारत को अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की क्षेत्रीय और वैश्विक सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है, जबकि चीन पहले से ही पाकिस्तान की रणनीतिक व्यवस्था में गहराई से शामिल है। उनके अनुसार यह स्थिति भारत के लिए एक बड़ी भू-राजनीतिक चुनौती बन सकती है और इसे गंभीरता से देखने की जरूरत है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रहे हालात भारत की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा साबित हो सकते हैं। एक ओर भारत के इजरायल, अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंध हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान जैसे देशों के साथ ऊर्जा और रणनीतिक हित भी जुड़े हुए हैं।
इसी वजह से कांग्रेस ने सरकार से ऐसी विदेश नीति अपनाने की मांग की है जो केवल किसी एक देश या समूह तक सीमित न होकर भारत के व्यापक राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे।
अब जबकि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है, यह बहस भी तेज हो गई है कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत अपनी कूटनीतिक भूमिका को किस तरह संतुलित और प्रभावी बनाए रखता है।
