June 1, 2026

जमशेदपुर को बड़ी सौगात! अब सिर्फ 90 मिनट में मिलेगी फ्लाइट, धालभूमगढ़ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

Airport-Survey

जमशेदपुर और आसपास के लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वर्षों से इंतजार में अटका धालभूमगढ़ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट अब तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने प्रोजेक्ट के पहले चरण के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है और पर्यावरण से जुड़ी बड़ी बाधाएं भी लगभग दूर हो चुकी हैं।

शनिवार को आमबागान स्थित मैंगो गेस्ट हाउस में हुई हाई-लेवल बैठक के बाद इस परियोजना को लेकर नई उम्मीद जगी है। बैठक में जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, डीएफओ सबा आलम अंसारी और वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

बताया गया कि पहले चरण में 100 हेक्टेयर जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होगा। पर्यावरण और भूमि सर्वे की रिपोर्ट दिल्ली स्थित पर्यावरण मंत्रालय को भेज दी गई है। मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही एयरपोर्ट निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पहले जिस वजह से प्रोजेक्ट अटका हुआ था, वह असल में “बांस” को पेड़ मान लेने की गलती थी। सांसद विद्युत वरण महतो ने बताया कि विशेषज्ञ टीम ने साफ किया है कि बांस को सरकारी नियमों में “घास” की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इसे हटाने में कानूनी दिक्कत नहीं होगी।

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट बनने के बाद जमशेदपुर से फ्लाइट पकड़ने के लिए लोगों को अब रांची तक 4-5 घंटे का सफर तय नहीं करना पड़ेगा। एयरपोर्ट चालू होने पर स्टील सिटी से महज डेढ़ घंटे में हवाई यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

यह एयरपोर्ट सिर्फ जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लिए भी गेमचेंजर साबित हो सकता है। गालूडीह, घाटशिला, चाईबासा, बहरागोड़ा से लेकर ओडिशा के बारिपदा और बंगाल के पुरुलिया तक लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट बनने से इलाके में नए उद्योग, होटल, बिजनेस और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। अनुमान है कि हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है।

अब लोगों की नजर सिर्फ एक चीज पर टिकी है — आखिर कब शुरू होगी पहली उड़ान? लेकिन इतना तय है कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का सपना अब जमीन पर उतरता दिखाई देने लगा है।