जमशेदपुर के जुगसलाई इलाके में कपड़ा दुकान पर हुई फायरिंग की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए कुख्यात मनीष सिंह गैंग से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक यह हमला सिर्फ फायरिंग नहीं, बल्कि इलाके में दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने और अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश थी।
घटना 15 मई की बताई जा रही है, जब नगर परिषद बाजार स्थित एक कपड़ा दुकान पर कार सवार बदमाशों ने अचानक गोलियां चला दीं। बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल बन गया था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अपराधियों के पास से चार अवैध देसी पिस्तौल, जिंदा गोलियां, मैगजीन, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार बरामद की गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे मनीष सिंह गैंग से जुड़े हुए हैं और इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और कई आरोपियों के खिलाफ पहले से हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने दावा किया है कि शहर में सक्रिय गैंग नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में खुलेआम फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं पुलिस का कहना है कि शहर में गैंग और रंगदारी नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।