Latehar Police Maoist Arrest : लातेहार पुलिस की बड़ी स्ट्राइक, 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइया और बबलू राम गिरफ्तार, AK-47 बरामद
Latehar Police Maoist Arrest
Latehar/Jharkhand : झारखंड के लातेहार जिले में नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी और निर्णायक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के दो खूंखार और इनामी कमांडरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइया और दो लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमांडर बबलू राम को दबोचा गया है। पुलिस ने इनके पास से घातक हथियारों के साथ लेवी की मोटी रकम भी बरामद की है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
लातेहार के पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार गौरव को सटीक गुप्त सूचना मिली थी कि जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइया अपने दस्ते के साथ छिपादोहर थाना क्षेत्र के हरिणामाड़ गांव के पास किसी बड़ी साजिश या बैठक के लिए आने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से हरिणामाड़ गांव के चारों ओर घेराबंदी की और दोनों नक्सलियों को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।
AK-47 और लेवी के 1.60 लाख रुपये बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने इनकी तलाशी ली, तो इनके पास से अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने निम्न सामग्री जब्त की है:
- हथियार : एक ऑटोमैटिक एके-47 (AK-47) राइफल।
- एम्युनिशन : 21 जिंदा कारतूस।
- नगदी : लेवी के रूप में वसूले गए करीब 1.60 लाख रुपये नगद।
104 मामलों का आरोपी है ‘फ्रेश भुइया’
शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान एसपी कुमार गौरव ने बताया कि मृत्युंजय भुइया उर्फ फ्रेश भुइया पिछले दो दशकों (20 साल) से नक्सली संगठन में सक्रिय था। वह पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उस पर झारखंड के विभिन्न थानों में 104 नक्सली हिंसा के मामले दर्ज हैं।
- मुठभेड़ : वह पुलिस के साथ 12 से अधिक सीधी मुठभेड़ों में शामिल रहा है।
- हमले : पुलिस बल पर घात लगाकर किए गए कई हमलों में उसकी मुख्य भूमिका रही है।
मृत्युंजय मूल रूप से छिपादोहर के नावाडीह का रहने वाला है। वहीं, उसके साथ पकड़ा गया सब-जोनल कमांडर बबलू राम बिहार के अरवल जिले का निवासी है, जिस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। बबलू के खिलाफ भी करीब 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
नक्सलियों के नेटवर्क पर पड़ेगा गहरा असर
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मृत्युंजय भुइया जैसे बड़े कैडर की गिरफ्तारी से लातेहार और आसपास के जिलों में सक्रिय नक्सली संगठन की कमर टूट गई है। वर्तमान में पुलिस दोनों नक्सलियों से कड़ी पूछताछ कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में संगठन के ठिकानों, मददगारों और लेवी नेटवर्क के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
