मोदी-मैक्रों की बड़ी रणनीतिक चाल! भारत-फ्रांस ने बनाया ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’, AI से लेकर व्यापार तक नई साझेदारी का ऐलान
नीस (फ्रांस)/नई दिल्ली: बदलती वैश्विक राजनीति, तकनीक की तेज रफ्तार और आर्थिक सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत और फ्रांस ने अपने रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई अहम बैठक में दोनों देशों ने ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ को अपनाने और आर्थिक सुरक्षा संवाद (Economic Security Dialogue) शुरू करने का फैसला किया।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से लंबित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। माना जा रहा है कि यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो भारतीय उद्योगों, निर्यातकों और निवेशकों के लिए यूरोपीय बाजारों के नए दरवाजे खुल सकते हैं।
इस मुलाकात की सबसे खास बात रही भारत-फ्रांस संयुक्त AI वर्किंग ग्रुप बनाने की घोषणा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है और दोनों देश इस क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को नई गति देना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया जिस दौर में तकनीकी प्रतिस्पर्धा और आर्थिक अस्थिरता से गुजर रही है, उसमें भारत और फ्रांस का यह कदम काफी महत्वपूर्ण है। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा, डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोग और मजबूत हो सकता है।
गौरतलब है कि इसी वर्ष भारत और फ्रांस ने अपने रिश्तों को नया नाम देते हुए ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया था। अब ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ को उसी साझेदारी के अगले बड़े चरण के रूप में देखा जा रहा है।
दुनिया में बदलते शक्ति संतुलन के बीच यह समझौता साफ संकेत देता है कि भारत केवल वैश्विक मंच पर अपनी मौजूदगी मजबूत नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की तकनीक और अर्थव्यवस्था की दौड़ में भी खुद को अग्रणी देशों की कतार में खड़ा करने की तैयारी कर चुका है।
