प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीदरलैंड यात्रा के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर उठे सवालों पर भारत ने दोटूक प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत को लेकर इस तरह की टिप्पणियाँ अक्सर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक संरचना की अधूरी समझ की वजह से की जाती हैं।
द हेग में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) Sibi George ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग समान अधिकारों के साथ रहते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बाहरी देशों द्वारा भारत के आंतरिक मामलों पर की जाने वाली टिप्पणियाँ कई बार वास्तविक परिस्थितियों को पूरी तरह समझे बिना की जाती हैं।
दरअसल, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten के साथ बैठक के बाद एक पत्रकार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस न होने और भारत में मीडिया व अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। इसी पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएँ मजबूत हैं और देश का सामाजिक ढांचा बेहद विविध और समावेशी है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-नीदरलैंड संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है, जहां व्यापार, तकनीक, जल प्रबंधन और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।