निशीथ सिन्हा की तीसरी पुस्तक “लालटेन” का लोकार्पण
● बहुभाषीय संस्था ‘सहयोग’ का कदमा कैसर बंगलो में साहित्यिक मिलन
जमशेदपुर : बहुभाषीय संस्था सहयोग ने कदमा कैसर बंगलो में साहित्यिक मिलन का आयोजन किया. इस अवसर पर शहर के विभिन्न कवि और कवित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की. आयोजन में विद्या तिवारी, डॉ. आशा गुप्ता, ज्योत्सना अस्थाना, सरिता सिंह, डॉ. संध्या सिन्हा, सुधा गोयल, ममता कर्ण, छाया प्रसाद, भारती कुमार, आलोक मंजरी, वंदना, डॉ. रागिनी भूषण और निशीथ सिन्हा ने अपनी रचनाएं सुनाकर महफिल को सजाया.
डॉ. रागिनी भूषण, डॉ. जूही समर्पिता और संगीता सिन्हा ने संयुक्त रूप से निशीथ सिन्हा की तीसरी पुस्तक “लालटेन” का लोकार्पण किया. यह पुस्तक 21 कविताओं का एक संग्रह है जो आत्म बोध और जीवन के अनुभवों पर आधारित है. यह पुस्तक उन्होंने अपने माता पिता को समर्पित किया है.
कवि निशीथ सिन्हा ने बताया कि इस पुस्तक का नाम ‘ लालटेन ‘ माँ की याद में रखी गई है जो हर रात घर में बिजली के अभाव के बावजूद लालटेन जलाकर उन्हें पढ़ने की प्रेरणा देती थीं. उन्होंने अपनी पुस्तक संग्रह से कुछ कविताएँ सुनाई और अपनी साहित्यिक यात्रा के विषय में भी बताया. डॉक्टर रागिनी भूषण ने लालटेन काव्य संग्रह पर अपने विचार रखते हुए अनेक शुभकामनाएं दी. धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर जूही समर्पिता ने किया. वर्तमान में टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज में हेड के पद पर कार्यरत निशीथ सिन्हा के दो काव्य संग्रह – दिल जो भी कहेगा और छोटी सी आशा पूर्व में प्रकाशित हो चुकी है. उनकी पुस्तक ‘लालटेन’ अमेजन पर भी उपलब्ध है.
