June 22, 2026

राज्यसभा हार के बाद कांग्रेस का यू-टर्न, गठबंधन बचाने पर जोर

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झारखंड राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार प्रणव झा की अप्रत्याशित हार के बाद शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब थमता नजर आ रहा है। चुनाव परिणाम के तीन दिन बाद कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल की रणनीति अपनाते हुए गठबंधन की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विधायकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी कीमत पर महागठबंधन को टूटने नहीं दिया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने चुनाव नतीजों को लेकर सहयोगी दलों के साथ सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की अपील की। झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों ने पूरी एकजुटता और अनुशासन के साथ महागठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने भाजपा और अन्य दलों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व सहयोगी दलों के संपर्क में है और पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।

वहीं, कांग्रेस ने चुनाव परिणाम को लेकर क्रॉस वोटिंग और धनबल के संभावित प्रभाव पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि महागठबंधन के दावे के अनुसार पर्याप्त विधायक समर्थन में थे, तो परिणाम अलग क्यों आया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इस नतीजे का राजनीतिक लाभ उठाकर गठबंधन में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है।

इस बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने साफ किया कि राज्य की महागठबंधन सरकार पूरी मजबूती के साथ काम करती रहेगी और कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लेने का कोई विचार नहीं रखती। पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुनावी रणनीति की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि वे पूरे मामले की व्यापक समीक्षा करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि फिलहाल दोषारोपण नहीं, बल्कि हार के कारणों की पहचान और गठबंधन की मजबूती पर ध्यान देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।