सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर और खड़गपुर के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। टाटानगर-खड़गपुर रेल मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाने के लिए बिछाई जा रही तीसरी लाइन का काम अब अपने अंतिम चरण में है। इस परियोजना के पूर्ण होने से इस व्यस्त रेल खंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी और यात्रियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
दक्षिण पूर्व रेलवे के अनुसार, खड़गपुर-आदित्यपुर तीसरी रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 132 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 121.5 किलोमीटर का काम पूरा कर इसे चालू कर दिया गया है। इस परियोजना के तहत आदित्यपुर और सलगाझड़ी के बीच शेष बचे हुए हिस्से का काम भी अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हाल ही में रेलवे अधिकारियों ने इस मार्ग का निरीक्षण किया है ताकि परिचालन की तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सके। इस नई लाइन के शुरू होने से न केवल यात्री ट्रेनों को लाभ होगा, बल्कि मालगाड़ियों का परिचालन भी अधिक सुगम होगा। हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर स्थित स्टील और बिजली संयंत्रों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में इससे काफी आसानी होगी। वर्तमान में अत्यधिक ट्रैफिक के कारण यात्री ट्रेनों को अक्सर मालगाड़ियों के कारण बाहरी स्टेशनों पर रुकना पड़ता था, जिससे अब निजात मिल सकेगी।
रेलवे प्रशासन इस मार्ग पर सिग्नलिंग और परिचालन प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए विशेष ब्लॉक लेकर तकनीकी कार्य भी कर रहा है। इसके अलावा, सरकार ने इस क्षेत्र के रेल नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए खड़गपुर-टाटानगर-बागदेही चौथी लाइन परियोजना को भी ‘विशेष रेलवे परियोजना’ का दर्जा दिया है। इन प्रयासों से आने वाले समय में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल संपर्क एक नए स्तर पर पहुँच जाएगा।