June 1, 2026

टाटानगर रेलवे में आने वाला है बड़ा बदलाव! अब ट्रेनें होंगी कम लेट, आदित्यपुर-गोविंदपुर बनेंगे नए टर्मिनल

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टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल के लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब रेलवे ने ऐसा मेगा प्लान तैयार किया है, जिससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी, स्टेशन पर भीड़ घटेगी और यात्रियों को ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी।

दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने घोषणा की है कि अब चक्रधरपुर मंडल में मालगाड़ियों से ज्यादा प्राथमिकता यात्री ट्रेनों को दी जाएगी। यानी आने वाले समय में ट्रेनों के घंटों लेट होने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

रेलवे ने टाटानगर स्टेशन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए गोविंदपुर और आदित्यपुर को नए “सैटेलाइट टर्मिनल” के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। इसका मतलब यह है कि भविष्य में कई ट्रेनों का संचालन इन स्टेशनों से भी हो सकेगा, जिससे टाटानगर स्टेशन पर भीड़ और ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

गोविंदपुर में करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से दो नई लूप लाइनें बनाई जाएंगी। इन लाइनों की मदद से सुपरफास्ट ट्रेनों को बिना रोके निकाला जा सकेगा और बाकी ट्रेनों को अलग ट्रैक पर खड़ा किया जाएगा। इससे रेलवे ट्रैक जाम होने की समस्या कम होगी।

वहीं आदित्यपुर और टाटा यार्ड में नई स्टेबलिंग लाइनें भी बनाई जाएंगी, जहां ट्रेनों को “पार्क” किया जा सकेगा। अभी प्लेटफॉर्म खाली नहीं होने पर कई ट्रेनें आउटर सिग्नल पर खड़ी रहती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, साल 2027 तक कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे कर लिए जाएंगे। इसके साथ ही टाटानगर यार्ड में ट्रेन की धीमी रफ्तार वाली पुरानी समस्या भी खत्म करने की तैयारी है।

रेल यात्रियों का कहना है कि अगर ये योजनाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो टाटानगर रेलवे स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि रेलवे अपने इन बड़े वादों को जमीन पर कितनी तेजी से उतारता है।