विचार जो बदल दे जिंदगी
गुजर जाएगा ये वक्त भी ग़ालिब ज़रा सा इत्मीनान तो रख
जब खुशियाँ ही नहीं ठहरी तो गम की हैसियत ही क्या
गुजर जाएगा ये वक्त भी ग़ालिब ज़रा सा इत्मीनान तो रख
जब खुशियाँ ही नहीं ठहरी तो गम की हैसियत ही क्या