US-ईरान डील से सस्ती होगी जिंदगी?
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौता सिर्फ मध्य पूर्व की राजनीति तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसका असर भारत की आम जनता की जेब पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है। इसका सीधा फायदा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल के सस्ता होने से पेट्रोकेमिकल उद्योग को भी राहत मिलेगी। इससे साबुन, डिटर्जेंट, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक उत्पाद, टायर, रेडीमेड कपड़े और कई दवाइयों के निर्माण की लागत कम हो सकती है। कृषि क्षेत्र को भी फायदा मिलने की संभावना है, क्योंकि उर्वरक, कीटनाशक और खेती में इस्तेमाल होने वाले कई उत्पादों की लागत घट सकती है।
हालांकि इन फायदों का असर तुरंत दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। कीमतों में वास्तविक राहत अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, सरकारी नीतियों और आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगी। फिर भी यदि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति का रास्ता खुलता है, तो यह भारत के लिए आर्थिक राहत और महंगाई नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।
