सर्च न्यूज: सच के साथ: उत्तराखंड की देहरादून पुलिस और एसटीएफ (STF) ने जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता और 1 लाख रुपये के इनामी अपराधी यशराज सिंह को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से वह लगातार पुलिस को चकमा देने के लिए ठिकाने बदल रहा था और कानूनी सलाह लेने सहारनपुर पहुंचा था।
हत्या की मुख्य वजह और साजिश
विशाल सिंह का निर्देश: यशराज ने पुलिस को बताया कि उसने यह हत्या विशाल सिंह के कहने पर करवाई।
रेलवे फूड सप्लाई विवाद: यशराज ‘सारिका एंटरप्राइजेज’ नाम से फर्म चलाता था, जिसके कारोबार और टाटानगर स्टेशन पर खाद्य सामग्री की सप्लाई में विक्रम शर्मा अड़गा लगा रहा था।
जेल की प्रताड़ना का बदला: शूटर विशाल का जेल में विक्रम शर्मा के साथ विवाद हुआ था, जहाँ विक्रम के गुर्गों ने उसे प्रताड़ित किया था।
वर्चस्व की जंग: मुख्य शूटर आशुतोष सिंह अपराध की दुनिया में अपनी धाक जमाने के लिए विक्रम शर्मा को मारना चाहता था।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
एक महीने तक रेकी: यशराज ने अपने साथी अंकित वर्मा के साथ मिलकर देहरादून में विक्रम शर्मा की लगभग एक महीने तक रेकी की थी।
सेफ जोन देहरादून: इससे पहले दिसंबर 2025 में नोएडा और दिल्ली में भी विक्रम को मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन भीड़ और सुरक्षा के कारण आरोपी नाकाम रहे। देहरादून का वह जिम (सिल्वर सिटी मॉल) सबसे सुरक्षित जगह पाया गया जहां विक्रम रोज अकेले जाता था।
जिम में लिया एडमिशन: साजिश के तहत अंकित वर्मा ने 3 महीने पहले उसी जिम को जॉइन किया और घटना के दिन शूटरों को सटीक लोकेशन की सूचना दी, जिसके बाद सीढ़ियों पर ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।
डिजिटल ट्रांजेक्शन से खुला राज
फंडिंग: यशराज ने ही शूटर आकाश प्रसाद को रांची से दिल्ली बुलाने के लिए पेटीएम (Paytm) के जरिए ₹15,000 और रास्ते के खर्च के लिए ₹10,000 भेजे थे।
होटल और वाहनों का भुगतान: हरिद्वार में अपराधियों के ठहरने, खाने और किराए की स्कूटी व बाइक का भुगतान यूपीआई (UPI) के जरिए किया गया था। वारदात के लिए प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी भी यशराज के नाम पर ही पंजीकृत थी।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
गिरफ्तारियां: पुलिस मामले में अब तक तीन आरोपियों (मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर, यशराज के पिता राजकुमार सिंह, और अब मुख्य साजिशकर्ता यशराज सिंह) को गिरफ्तार कर चुकी है।
फरार आरोपी: मामले में संलिप्त अन्य पांच आरोपी (अंकित वर्मा, आकाश कुमार, जितेंद्र कुमार, विशाल सिंह और आशुतोष) अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।