सर्च न्यूज: सच के साथ: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ चैटबॉट और ऑटोमेशन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को भी पूरी तरह बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Demis Hassabis ने घोषणा की कि AI आधारित बायोटेक कंपनी Isomorphic Labs ने नई दवाओं की खोज और उपचार विकास के भविष्य को बदलने के अपने मिशन को तेज करने के लिए 2.1 अरब डॉलर की नई फंडिंग हासिल की है।
यह कंपनी AlphaFold की ऐतिहासिक सफलता पर काम कर रही है। AlphaFold, जिसे Google DeepMind ने विकसित किया था, ने प्रोटीन संरचना की सटीक भविष्यवाणी करके जीवविज्ञान की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक को हल कर दिया। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक नई दवाएं विकसित करने में लगने वाले समय और लागत को काफी हद तक कम कर सकती है।
डेमिस हैसाबिस के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य केवल दवा निर्माण की प्रक्रिया को तेज करना नहीं है। उनका मानना है कि भविष्य में AI जैविक प्रक्रियाओं को समझकर, नए अणुओं की खोज करके और अत्यधिक लक्षित उपचार विकसित करके दुनिया की कई गंभीर बीमारियों से लड़ने में मानवता की मदद कर सकता है — ऐसे शोध जिनमें पारंपरिक तरीकों से कई दशक लग सकते हैं।
यह बड़ी फंडिंग इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा AI आधारित हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशक में स्वास्थ्य सेवाएं AI के सबसे महत्वपूर्ण उपयोगों में से एक बन सकती हैं। जैसे-जैसे टेक और बायोटेक कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, Isomorphic Labs जैसी कंपनियां उस भविष्य के केंद्र में खुद को स्थापित कर रही हैं जहां AI बीमारियों की पहचान, इलाज और रोकथाम के तरीकों को पूरी तरह बदल सकता है।