सर्च न्यूज: सच के साथ: मध्य पूर्व में इस साल बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच सऊदी अरब ने कथित तौर पर ईरान के अंदर कई गुप्त हवाई हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई हाल के वर्षों में तेहरान के खिलाफ सऊदी अरब की सबसे आक्रामक सैन्य प्रतिक्रियाओं में से एक मानी जा रही है। पश्चिमी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ये हमले मार्च के अंत में तब किए गए, जब ईरान की ओर से सऊदी तेल प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए थे।
हालांकि रियाद ने इन हमलों की कभी सार्वजनिक पुष्टि नहीं की, लेकिन सूत्रों का दावा है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने “जैसे को तैसा” रणनीति के तहत जवाबी कार्रवाई की। फरवरी 2026 में ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिका-इज़राइल अभियान के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था, जिसने कई अरब देशों को भी सीधे टकराव की स्थिति में ला दिया।
कई वर्षों तक सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिकी सैन्य समर्थन पर काफी निर्भर रहा। लेकिन हाल के वर्षों में तेल संयंत्रों और सैन्य ठिकानों पर लगातार हमलों ने रियाद को अधिक स्वतंत्र और आक्रामक रक्षा नीति अपनाने की ओर धकेला है। विश्लेषकों का मानना है कि ये गुप्त हमले क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में सऊदी अरब की बदलती रणनीति और क्षेत्रीय शक्ति प्रदर्शन का संकेत हैं।
हालांकि सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ सऊदी अरब ने पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत भी जारी रखी ताकि यह संघर्ष पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध में न बदल जाए। अधिकारियों के अनुसार, बाद में दोनों देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत और अप्रैल की शुरुआत में घोषित अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद तनाव में कुछ कमी देखने को मिली।