June 5, 2026

152 मेडिकल सीटों पर घमासान, विजय सरकार से जवाब मांग रहे उदयनिधि

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सर्च न्यूज: सच के साथ:

चेन्नई: तमिलनाडु की 152 सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल सीटों को ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में भेजे जाने का मामला अब सियासी और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि राज्य सरकार की कानूनी तैयारी में कमी के कारण यह स्थिति पैदा हुई।

उदयनिधि का दावा है कि पहले इन सीटों को राज्य के पास बनाए रखने के लिए अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा गया था, लेकिन हालिया सुनवाई के दौरान सरकार अपनी बात मजबूती से नहीं रख सकी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने खाली पड़ी 152 सीटों को ऑल इंडिया कोटा में स्थानांतरित करने का रास्ता साफ कर दिया।

मामले की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि ये सीटें उन सरकारी डॉक्टरों के लिए आरक्षित थीं जो वर्षों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये सीटें राज्य से बाहर चली जाती हैं तो भविष्य में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और अन्य सुपर-स्पेशियलिटी विभागों में प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

उदयनिधि ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि राज्य के हित और सरकारी डॉक्टरों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कानूनी स्तर पर तुरंत कदम उठाए जाएं। वहीं इस मुद्दे ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है कि आखिर स्वास्थ्य शिक्षा और सरकारी अस्पतालों के भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मामले में चूक कैसे हुई।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विजय सरकार इस विवाद पर क्या कदम उठाती है और क्या इन सीटों को बचाने के लिए कोई नया रास्ता निकलता है।