June 27, 2026

2014 की FIR रद्द, हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 2014 के विधानसभा चुनाव से जुड़े आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) को रद्द करते हुए इस मामले से संबंधित सभी न्यायिक कार्यवाहियों को समाप्त करने का आदेश दिया। यह फैसला मुख्यमंत्री के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत माना जा रहा है।

यह मामला वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान कथित आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा था। उस समय सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना में कांड संख्या 418/2014 के तहत हेमंत सोरेन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में उन्होंने इस एफआईआर को कानूनन असंगत बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और इसे निरस्त करने की मांग की थी।

जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने राज्य सरकार और याचिकाकर्ता दोनों पक्षों की दलीलें, दस्तावेज और रिकॉर्ड का विस्तृत परीक्षण करने के बाद फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि इस मामले को आगे जारी रखने का पर्याप्त आधार नहीं बनता है। इससे पहले भी हाईकोर्ट निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा चुका था।

अदालत के इस आदेश के साथ करीब 12 वर्ष पुराने मामले का कानूनी अध्याय समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा ने पक्ष रखा। राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस फैसले को अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे हेमंत सोरेन के खिलाफ लंबित एक पुराने आपराधिक मामले का पटाक्षेप हो गया है।