9 साल बाद आया इंसाफ: गैंगरेप और एसिड अटैक के दोषी दो BSF जवानों को 42-42 साल की सजा
आइजोल: लगभग नौ साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद आखिरकार पीड़िता को न्याय मिल गया। मिजोरम की एक अदालत ने वर्ष 2017 में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और एसिड अटैक के मामले में दोषी पाए गए दो निलंबित BSF जवानों को 42-42 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के लिहाज से एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
अदालत ने दोनों आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए गैंगरेप, गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने और एसिड अटैक के मामलों में अलग-अलग सजा सुनाई। अदालत के आदेश के अनुसार ये सजाएं क्रमवार चलेंगी, जिसके कारण दोनों दोषियों को कुल 42 वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
जांच के दौरान दोनों जवानों को निलंबित कर दिया गया था। अब अदालत का फैसला आने के बाद उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद या संस्था से जुड़ा हो, जवाबदेही से बच नहीं सकता।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई समाज में विश्वास पैदा करती है तथा पीड़ितों को न्याय के लिए आगे आने का साहस देती है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला गंभीर अपराधों के प्रति न्यायपालिका के सख्त रुख को भी दर्शाता है।
यह मामला केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि न्याय पाने के लिए वर्षों तक चली लड़ाई और अंततः कानून की जीत की कहानी भी है। अदालत के इस फैसले को पीड़िता के संघर्ष और न्याय व्यवस्था की दृढ़ता के रूप में देखा जा रहा है।
