सर्च न्यूज: सच के साथ: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा के बीच चल रही राजनीतिक रार अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गई है। 5 मई 2026 को दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अलग-अलग समय पर मुलाकात की।
भगवंत मान (मुख्यमंत्री, पंजाब):
मान ने राष्ट्रपति से पंजाब के उन 6 राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा (BJP) का दामन थाम लिया है।उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के भरोसे के साथ धोखा बताया।मान ने मांग की कि यदि सांसदों का पार्टी बदलना असंवैधानिक है, तो उनकी सदस्यता तुरंत खत्म होनी चाहिए और निर्वाचित प्रतिनिधियों को वापस बुलाने (Recall) का प्रावधान लाने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए।
राघव चड्ढा (राज्यसभा सांसद, भाजपा):
मान से पहले चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और आरोप लगाया कि पंजाब की ‘मान सरकार’ राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) की भावना से काम कर रही है।उन्होंने दावा किया कि सरकार उन सांसदों को निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी और पुलिस का दुरुपयोग कर रही है जिन्होंने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए भाजपा में विलय का विकल्प चुना है।चड्ढा ने कहा, “जब तक हम AAP में थे, तब तक आज्ञाकारी और संस्कारी थे, लेकिन पार्टी छोड़ते ही हमें निशाना बनाया जा रहा है”।
भाजपा (मनजिंदर सिंह सिरसा):
भाजपा नेता सिरसा ने भगवंत मान की इस मुलाकात को “नौटंकी” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मान सरकार पंजाब की असली समस्याओं जैसे ड्रग्स और कर्ज (4 लाख करोड़ का बोझ) से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है