May 27, 2026

“भारत अब नक्सल मुक्त” — अमित शाह के बयान से राष्ट्रीय सुरक्षा पर छिड़ी नई बहस

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के एक बड़े बयान ने देशभर में नई राजनीतिक और सुरक्षा बहस को जन्म दे दिया है। अमित शाह ने दावा किया है कि लगातार चलाए गए सुरक्षा अभियानों और सरकार की रणनीति के कारण भारत अब “नक्सल मुक्त” हो चुका है। उनके इस बयान को केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि वर्षों तक देश के कई हिस्सों में नक्सलवाद आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ था, लेकिन सुरक्षा बलों की कार्रवाई, बेहतर खुफिया नेटवर्क और विकास योजनाओं के कारण अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान की भी सराहना की।

एक समय ऐसा था जब छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कई इलाके नक्सली गतिविधियों से प्रभावित माने जाते थे। इन क्षेत्रों में लगातार हमले, विस्फोट और सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमले जैसी घटनाएं सामने आती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाकर नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने का दावा किया है।

अमित शाह ने कहा कि केवल सुरक्षा कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी विकास योजनाओं ने भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है। सरकार का मानना है कि विकास और सुरक्षा दोनों साथ-साथ चलने से लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था में बढ़ा है।

हालांकि विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस बयान पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि कुछ इलाकों में अब भी छिटपुट नक्सली गतिविधियां देखने को मिलती हैं और पूरी तरह “नक्सल मुक्त” होने के दावे की जमीनी हकीकत पर गंभीर समीक्षा की जरूरत है।

इसके बावजूद, गृह मंत्री का यह बयान राष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा मामलों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे सरकार की बड़ी सफलता बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक बयानबाजी मान रहे हैं।

फिलहाल इतना तय है कि नक्सलवाद पर सरकार की यह घोषणा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक बहस के केंद्र में बनी रहने वाली है।