May 27, 2026

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की आहट? सिद्धारमैया के इस्तीफे की चर्चाओं से गरमाई राजनीति

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बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री Siddaramaiah के संभावित इस्तीफे की चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई लंबी बैठकों के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। इसी के साथ उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में फिर प्रमुखता से सामने आने लगा है।

बताया जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ कई दौर की बातचीत हुई, जिसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने अब तक इन अटकलों को आधिकारिक तौर पर खारिज किया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया को भविष्य में बड़ी भूमिका का संकेत दिया है। चर्चा यह भी है कि उन्हें राज्यसभा भेजने और 2029 की राजनीति में अहम जिम्मेदारी देने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार वापसी के बाद से ही यह चर्चा चल रही थी कि सत्ता में “फॉर्मूला शेयरिंग” के तहत भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। डीके शिवकुमार लंबे समय से राज्य कांग्रेस के मजबूत चेहरे माने जाते हैं और संगठन के भीतर उनकी पकड़ भी मजबूत मानी जाती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नेतृत्व परिवर्तन होता है, तो इसका असर केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी इसका संदेश जाएगा। कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनाव और 2029 की रणनीति को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले लेने की तैयारी में दिखाई दे रही है।

वहीं विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। भाजपा ने कांग्रेस पर अंदरूनी सत्ता संघर्ष का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस इसे सामान्य राजनीतिक चर्चा बता रही है।

फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में suspense बना हुआ है। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अगले कदम पर टिकी हुई है।