June 30, 2026

भारत में 45 मिनट, सिंगापुर में 45 सेकंड! वायरल हुई तुलना

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भारत और सिंगापुर के एयरपोर्ट इमिग्रेशन सिस्टम की तुलना इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक भारतीय कंपनी के ग्रुप सीएफओ ने अपनी यात्रा का अनुभव साझा करते हुए दावा किया कि जहां भारत में इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने में उन्हें 45 मिनट का समय लगा, वहीं सिंगापुर में यही प्रक्रिया महज 45 सेकंड में पूरी हो गई। उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और एयरपोर्ट व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

ए-सनमरीन इंजीनियरिंग के ग्रुप सीएफओ वेंकट पाटाकोटा ने बताया कि भारत से रवाना होते समय इमिग्रेशन काउंटर पर करीब 75 यात्रियों की लंबी कतार थी, लेकिन वहां केवल दो अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने फ्लाइट छूटने का हवाला देकर लाइन भी तोड़ दी, जिससे पूरी प्रक्रिया में करीब 45 मिनट लग गए। उन्होंने अधिकारियों के रवैये और व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।

इसके विपरीत, उन्होंने सिंगापुर के इमिग्रेशन सिस्टम की तारीफ करते हुए बताया कि वहां केवल पासपोर्ट स्कैन और फेस रिकॉग्निशन के जरिए 30 से 45 सेकंड में पूरी प्रक्रिया संपन्न हो गई। वापसी के दौरान भी सिंगापुर में इमिग्रेशन बेहद तेज रहा, जबकि भारत लौटने पर फिर लंबी कतार और सीमित अधिकारियों के कारण कई यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि नए स्वास्थ्य घोषणा फॉर्म की ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद एयरपोर्ट पर फिजिकल हस्ताक्षर की मांग की गई, जबकि उसकी जांच के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने भारत में तकनीक आधारित इमिग्रेशन और सुरक्षा व्यवस्था को और आधुनिक बनाने की जरूरत बताई, जबकि कुछ ने फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन–ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) का उपयोग करने की सलाह दी। इस चर्चा ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारत के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट यात्रियों को तेज, डिजिटल और विश्वस्तरीय अनुभव देने की दिशा में अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।