कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का लंबा और हाई-वोल्टेज दौर खत्म हो चुका है। अब सबकी निगाहें 4 मई को होने वाली वोटों की गिनती पर टिकी हैं। कड़ी धूप, चुनावी रैलियों और तीखे वार-पलटवार के बाद अब TMC और BJP दोनों खेमे रिजल्ट को लेकर पूरे कॉन्फिडेंस में दिख रहे हैं।
चुनाव प्रचार: सब दांव पर इस बार चुनाव प्रचार में दोनों दलों ने कोई कसर नहीं छोड़ी:
तीखे हमले: विरोधियों के खिलाफ सबसे धारदार चुनावी हथियार इस्तेमाल किए गए।
वर्चुअल वॉर: सोशल मीडिया पर जमकर जुबानी जंग लड़ी गई।
पर्सनल टच: नेताओं ने जनता को लुभाने के लिए अपने निजी पहलू भी सामने रखे।
अब प्रचार थमने के बाद नेता थोड़े रिलैक्स मूड में हैं, लेकिन अंदरखाने सीटों का गणित लगाने में जुटे हैं।
रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग, बदला माहौल चुनाव आयोग के मुताबिक बंगाल ने इस बार रिकॉर्ड वोटिंग की है:
पहला चरण: 93.19% मतदान
दूसरा चरण: 92.67% मतदान
हमेशा चुनावी हिंसा को लेकर चर्चा में रहने वाले बंगाल ने इस बार बिल्कुल अलग रुझान दिखाया। पहला चरण लगभग शांतिपूर्ण रहा। दूसरे चरण में नादिया, साउथ 24 परगना और हुगली में छिटपुट झड़पें जरूर हुईं, लेकिन कुल मिलाकर चुनाव काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा।
हॉट सीट भवानीपुर: ममता vs शुभेंदु दोपहर होते-होते कोलकाता की भवानीपुर सीट का माहौल सबसे गरम रहा। ये राज्य की सबसे चर्चित सीट है जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और BJP के शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर है। दोनों तरफ के कार्यकर्ता बूथों के बाहर डटे रहे।
आगे क्या? TMC को भरोसा है कि ममता बनर्जी की योजनाओं और बंगाली अस्मिता के दम पर हैट्रिक लगेगी। BJP का दावा है कि इस बार “परिवर्तन” होगा और डबल इंजन सरकार बनेगी।
4 मई को EVM खुलने के साथ ही साफ हो जाएगा कि बंगाल की जनता ने किसे चुना – दीदी को तीसरी बार या कमल को पहली बार। फिलहाल दोनों खेमों में जीत के दावे और टेंशन एक साथ चल रहे हैं।