June 1, 2026

“चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” अभियान को मिली रफ्तार, माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता बढ़ाने की बड़ी पहल

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झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। “चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” अभियान के तहत माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है।

डीडीसी रीना हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इस अभियान को सिर्फ सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि गांव-गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाए। इसका उद्देश्य माहवारी से जुड़े संकोच, मिथकों और गलत धारणाओं को खत्म कर महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही गांवों में बनाए गए इन्सिनरेटर (भस्मक) के सही उपयोग और स्वच्छता प्रबंधन की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाए।

रीना हांसदा ने कहा कि माहवारी स्वच्छता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, गरिमा और सशक्तिकरण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।

इसी दौरान पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने माहवारी स्वच्छता को बढ़ावा देने की शपथ ली। “रेड डॉट चैलेंज” के माध्यम से भी लोगों को इस विषय पर खुलकर बात करने और जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।

आज भी समाज के कई हिस्सों में माहवारी को लेकर झिझक और चुप्पी बनी हुई है। ऐसे में “चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” जैसे अभियान न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का काम कर रहे हैं, बल्कि महिलाओं को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी दे रहे हैं।