G7 के बाद पेरिस में PM मोदी का भव्य स्वागत, बोले- भारत-फ्रांस की दोस्ती दुनिया की प्रगति की कुंजी
भारतीय प्रवासियों के उत्साह से गूंजा पेरिस, तकनीक, व्यापार और वैश्विक नेतृत्व पर होगी बड़ी चर्चा
G7 सम्मेलन में कई वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकों के बाद प्रधानमंत्री मोदी का पेरिस दौरा अब चर्चा का केंद्र बन गया है। पेरिस पहुंचते ही उन्होंने भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों को और करीब लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
VivaTech 2026 में दिखेगा भारत का दम
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ VivaTech 2026 में हिस्सा लेंगे, जिसे यूरोप का सबसे बड़ा तकनीक और नवाचार मंच माना जाता है। खास बात यह है कि इस बार भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन यहां स्थापित किया गया है, जो भारत के तेजी से बढ़ते टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम की वैश्विक पहचान को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंच भारत और यूरोप के बीच तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नवाचार और डिजिटल सहयोग के नए अवसर खोल सकता है।
G7 में भारत ने रखी मजबूत बात
फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने G7 सम्मेलन में विकासशील देशों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों को अधिक अवसर देने, व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा समानता पर आधारित साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया को दाता और प्राप्तकर्ता की सोच से आगे बढ़कर विश्वास और सहयोग पर आधारित वैश्विक व्यवस्था की जरूरत है।
कई वैश्विक नेताओं से हुई मुलाकात
G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और अन्य प्रमुख नेताओं से मुलाकात की।
इन बैठकों में व्यापार, सुरक्षा, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हुई, जिससे भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका एक बार फिर स्पष्ट हुई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
भारत और फ्रांस के संबंध केवल रक्षा और सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे समय में जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है, मोदी का यह दौरा भारत की कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक नेतृत्व की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है।
फिलहाल सबकी नजरें पेरिस में होने वाले उन महत्वपूर्ण संवादों पर हैं, जो आने वाले वर्षों में भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
