May 22, 2026

Haryana’s big financial scam: हरियाणा का बड़ा वित्तीय घोटाला: ₹504 करोड़ के सरकारी फंड गबन में सीबीआई की पहली संस्था, 15 आवासीय।

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सर्च न्यूज: सच के साथ: हरियाणा में हुए 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचकूला की विशेष अदालत में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह पूरा मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये की अवैध हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। शुरुआत में इस मामले की जांच हरियाणा राज्य विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की जा रही थी, लेकिन बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के संकेत मिलने के बाद इस गंभीर केस को सीबीआई को सौंप दिया गया था।

इस पहली चार्जशीट में सीबीआई ने बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों समेत कुल 15 आरोपियों को नामजद किया है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इन नामजद आरोपियों में IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 अधिकारी और हरियाणा सरकार के 3 कर्मचारी शामिल हैं, जो अलग-अलग महत्वपूर्ण विभागों (जैसे बिजली उत्पादन और पंचायत विभाग) से जुड़े थे। इसके अलावा, घोटाले को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गईं दो शेल (फर्जी) कंपनियों और उनके तीन पार्टनर्स को भी मुख्य आरोपी बनाया गया है।जांच के मुताबिक, आरोपियों ने एक सुनियोजित नेटवर्क बनाकर सरकारी विभागों के खातों से रकम निकाली और उसे फर्जी कंपनियों के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर छिपाने की कोशिश की। सभी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अन्य विभागों में भी फंड की गड़बड़ी की आशंका है, जिसके लिए आगे की जांच सक्रिय रूप से जारी है और जल्द ही अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती हैं।

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