हेमंत सरकार का मेगा फैसला! जंगल हमले में मौत पर अब ₹10 लाख, सड़कों से सिंचाई तक 23 बड़े फैसलों को मिली मंजूरी
रांची: झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में बुधवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक साथ 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। वन्यजीव हमलों में मारे जाने वाले लोगों के परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि में रिकॉर्ड बढ़ोतरी से लेकर सड़क, सिंचाई, खनन, डिजिटल गवर्नेंस और कर्मचारियों के हितों से जुड़े बड़े फैसले इस बैठक की सबसे बड़ी खासियत रहे।
विकास परियोजनाओं को भी इस बैठक में बड़ी सौगात मिली। रांची के नामकुम-दोरंडा मार्ग को फोरलेन बनाने और मजबूत करने के लिए ₹162.82 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पलामू जिले की महत्वाकांक्षी अमानत बराज सिंचाई परियोजना के लिए ₹947.26 करोड़ की संशोधित लागत को स्वीकृति मिल गई है। माना जा रहा है कि इससे हजारों किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन को नई रफ्तार मिलेगी।
खनन क्षेत्र में भी सरकार ने कई अहम निर्णय लिए हैं। बोकारो और गोड्डा जिलों में कोयला खनन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जबकि पूर्वी सिंहभूम में पन्ना (एमराल्ड) खनिज ब्लॉक को आरक्षित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए झारनेट 2.0 परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए अतिरिक्त ₹65.50 करोड़ की मंजूरी दी गई है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए 181 महिला हेल्पलाइन सेवा को भी जारी रखने की स्वीकृति मिली है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट ने कई राहत भरे फैसले किए हैं। कर्मचारियों को अब आसान शर्तों पर अल्पकालिक वेतन अग्रिम सुविधा मिल सकेगी। संविदा कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतन ढांचे को भी व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव कम होगा।
कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों को मंजूरी दी गई। रोहिताश्व राय को झारखंड का नया महाधिवक्ता (Advocate General) नियुक्त किया गया है, जबकि अच्युत केशव को वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर पदोन्नत किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले हेमंत सरकार के ये फैसले विकास, जनकल्याण और प्रशासनिक सुधारों पर फोकस का बड़ा संदेश देते हैं। सड़क, सिंचाई, खनन, डिजिटल सेवाओं और कर्मचारी कल्याण को एक साथ गति देकर सरकार ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि आने वाले समय में विकास परियोजनाओं को और तेज किया जाएगा।
झारखंड कैबिनेट के ये 23 फैसले सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा असर लाखों लोगों के जीवन, रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा पर पड़ने वाला है।
