बिहार में डेथ सर्टिफिकेट प्रक्रिया हुई आसान, मुखिया या सरपंच के प्रमाणित पत्र से मिलेगा प्रमाणपत्र
बिहार सरकार ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब पंचायत के मुखिया या सरपंच द्वारा प्रमाणित स्व-घोषणा पत्र को भी मृत्यु प्रमाण पत्र के रूप में मान्यता दी जाएगी। यह व्यवस्था 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलने वाले राजस्व महा अभियान के दौरान लागू रहेगी।
इसके अलावा, वंशावली में यदि किसी सदस्य के नाम के साथ ‘मृत’ लिखा है, तो उसे भी वैध प्रमाण माना जाएगा।यह फैसला 10 अगस्त को पटना में पंचायत प्रतिनिधियों के संघों के साथ हुई बैठक में मिले सुझावों के आधार पर लिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से पुराने मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और लोगों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
