सर्च न्यूज: सच के साथ: भारत ने मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस एडवांस अग्नि मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है, जिसकी जानकारी रक्षा मंत्रालय ने साझा की है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और सेना ने शुक्रवार, 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस उन्नत मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल ‘मल्टीपल वॉरहेड’ (MIRV) प्रणाली से लैस है, जिसका अर्थ है कि एक ही बैलिस्टिक मिसाइल अपने साथ कई परमाणु हथियार या पेलोड ले जा सकती है और एक ही समय में अलग-अलग दिशाओं में फैले कई लक्ष्यों पर सटीक निशाना साध सकती है। यह आधुनिक तकनीक दुश्मन के एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम (रडार और डिफेंस शील्ड) को चकमा देने और उसे भेदने में पूरी तरह सक्षम है।सटीक निशाना: उड़ान के दौरान मिसाइल के सभी पेलोड्स ने हिंद महासागर क्षेत्र में बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फैले पूर्व-निर्धारित लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक और सटीक मार की।
यह परीक्षण आधुनिक अग्नि-5 (मिशन दिव्यास्त्र) श्रेणी का दूसरा प्रमुख सफल परीक्षण है, जिसका पहला परीक्षण मार्च 2024 में किया गया था। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 की मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है, जिसकी जद में चीन सहित लगभग पूरा एशिया, यूरोप के कुछ हिस्से और अफ्रीका आते हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने इस परीक्षण की सफलता पर भारतीय सेना और रक्षा उद्योग को बधाई दी, क्योंकि यह भारत की रणनीतिक मारक क्षमता और रक्षा कवच को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करता है