IPS अधिकारी के भाषण पर सियासी संग्राम, कांग्रेस ने उठाए सवाल
महाराष्ट्र में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के भाषण को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने एक हिंदू संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अधिकारी की भागीदारी पर आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार से जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस मामले में अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस का तर्क है कि अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमों के अनुसार किसी आईपीएस अधिकारी को इस प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने से पहले सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक हो सकती है। पार्टी ने सवाल उठाया है कि यदि अनुमति नहीं ली गई थी, तो क्या सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई करेगी। दूसरी ओर, इस संबंध में सरकार या संबंधित अधिकारी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रशासनिक अधिकारियों की राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर उपस्थिति को लेकर बहस तेज है। अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है कि वह इस मामले में जांच कराती है या नहीं। आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक और प्रशासनिक असर पर भी नजर रहेगी।
