June 27, 2026

जमशेदपुर में पेट्रोल संकट गहराया, दूसरे दिन भी सूखे पंप

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जमशेदपुर में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार दूसरे दिन भी बनी रही, जिससे शहर की रफ्तार थम सी गई। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने से “नो पेट्रोल” के बोर्ड लग गए, जबकि जिन पंपों पर सीमित स्टॉक उपलब्ध था, वहां वाहन चालकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई लोगों को भीषण गर्मी में 30 से 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।

स्थिति का सबसे अधिक असर रोजाना आने-जाने वाले लोगों, स्कूल-कॉलेज के कर्मचारियों, टैक्सी चालकों और छोटे व्यवसायियों पर पड़ा। कई वाहन चालक एक पंप से दूसरे पंप तक ईंधन की तलाश में भटकते रहे। लोगों ने बताया कि शहर में इस तरह की परेशानी पिछले कुछ समय में दूसरी बार देखने को मिली है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

कोल्हान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (KPDA) के अनुसार, संकट की मुख्य वजह बीपीसीएल की बोकारो रिफाइनरी में एथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधा रही। डीलर्स का कहना है कि यह समस्या पेट्रोल पंप संचालकों की नहीं, बल्कि तेल कंपनियों की सप्लाई व्यवस्था से जुड़ी है। हालांकि रातभर सुधारात्मक कदम उठाए गए और एचपीसीएल व बीपीसीएल के टैंकरों से आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।

जानकारी के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम जिले के करीब 140 पेट्रोल पंपों में से लगभग 72 शहरी क्षेत्र के पंप इस संकट से प्रभावित हुए। पेट्रोलियम डीलर्स ने भरोसा दिलाया है कि अतिरिक्त टैंकरों की मदद से जल्द ही आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी। तब तक प्रशासन और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।