June 16, 2026

ITR को लेकर 4 आम गलतफहमियां, सीए नंदन जालुका और सीए सोनम अग्रवाल जालुका ने खोली हकीकत

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सर्च न्यूज: सच के साथ: नई दिल्ली, 15 जून 2026: आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख नजदीक है। सीए नंदन जालुका और सीए सोनम अग्रवाल जालुका, आर्थिक मामलों के जानकार, ने बताया कि आज भी कई लोग ITR से जुड़ी गलत बातों को सही मानते हैं। दोनों विशेषज्ञों ने 4 ऐसे भ्रम और उनकी सच्चाई बताई है।

1. भ्रम: “आय ₹12 लाख से कम है तो ITR जरूरी नहीं”

*सच*: सीए नंदन जालुका के अनुसार, टैक्स फ्री आय सिर्फ ₹4 लाख तक है। बाकी छूट रिबेट से मिलती है, जो ITR फाइल करने पर ही मिलती है। सीए सोनम अग्रवाल जालुका जोड़ती हैं कि टैक्स जीरो होने पर भी ITR भरना फायदेमंद है। रिफंड मिलता है और रिकॉर्ड बनता है।

2. भ्रम: “ITR तो मैं खुद भर लूंगा, इसमें क्या है”*

*सच*: सीए सोनम अग्रवाल जालुका बताती हैं कि अब इनकम टैक्स विभाग के पास AIS यानी एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट होता है। इसमें बैंक, म्यूचुअल फंड, शेयर, बीमा और प्रॉपर्टी की जानकारी पहले से होती है। सीए नंदन जालुका कहते हैं कि ITR और AIS में अंतर होने पर नोटिस आ सकता है।

3. भ्रम: “आखिरी तारीख की टेंशन क्यों लें, बाद में भर देंगे”

सच: ITR की तारीखें तय हैं: – *31 जुलाई*: नौकरीपेशा लोगों के लिए – *31 अगस्त*: छोटे कारोबारियों के लिए – *31 अक्टूबर*: ऑडिट वाले मामलों के लिए दोनों विशेषज्ञों का कहना है कि देर से भरने पर लेट फीस, ब्याज और नोटिस लग सकता है।

4. भ्रम: “लोन लेना होगा तब ITR भर लेंगे”

सच: सीए नंदन जालुका बताते हैं कि ज्यादातर बैंक लोन के समय पिछले 2 साल का ITR मांगते हैं। सीए सोनम अग्रवाल जालुका कहती हैं कि जरूरत के समय ITR न होने से लोन रुक सकता है। इसलिए पहले से ITR फाइल रखें।

विशेषज्ञों की सलाह: सीए नंदन जालुका और सीए सोनम अग्रवाल जालुका का कहना है, “ITR सिर्फ कानूनी काम नहीं, आपकी वित्तीय पहचान है। वीज़ा, लोन और बड़े लेनदेन में ITR जरूरी है। समय पर फाइल करें।”

ऑनलाइन फाइल करें: http://www.incometax.gov.

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