टाटा स्टील कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी? 17 महीने के एरियर पर बनी सहमति, अब सिर्फ एक फॉर्मूले पर अटका वेज रिवीजन
जमशेदपुर: टाटा स्टील के करीब 10 हजार कर्मचारियों की निगाहें जिस वेज रिवीजन समझौते पर टिकी हुई हैं, वह अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को मैनेजमेंट और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच हुई लंबी बैठकों के बाद संकेत मिले हैं कि कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है। हालांकि अंतिम समझौते से पहले एक अहम मुद्दा अब भी दोनों पक्षों के बीच अटका हुआ है।
अगर यह फॉर्मूला टाटा स्टील में भी लागू होता है, तो जनवरी 2025 से लंबित वेज रिवीजन के कारण कर्मचारियों को 17 महीने का एरियर मिल सकता है। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि यह रकम लाखों रुपये तक पहुंच सकती है, जिससे वेज समझौता पिछले कई वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय लाभों में शामिल हो सकता है।
हालांकि बातचीत में कई बिंदुओं पर सकारात्मक प्रगति हुई है, लेकिन “डीए पर प्वाइंट” का मुद्दा अब भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इसी एक बिंदु पर मैनेजमेंट और यूनियन के बीच सहमति नहीं बन पाई है, जिसके कारण समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी।
अब सबकी नजर 22 जून पर टिकी है, जब टाटा स्टील की चीफ पीपुल ऑफिसर अत्रयी सान्याल जमशेदपुर पहुंचकर इस मामले पर आगे की चर्चा करेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद 24 या 25 जून तक वेज समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
इस बीच यूनियन के भीतर भी असंतोष की खबरें सामने आई हैं। कुछ पदाधिकारियों ने बातचीत की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं। सूत्रों का दावा है कि वेज वार्ता से जुड़ी जानकारी सीमित लोगों तक ही रखी जा रही है, जिससे संगठन के भीतर नाराजगी बढ़ रही है।
फिलहाल टाटा स्टील कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या 17 महीने के एरियर का रास्ता साफ होगा और क्या जून के अंत तक लंबे इंतजार का अंत हो जाएगा? इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में मिलने की उम्मीद है।
