April 19, 2026

Jamshedpur Golmuri Me Sri Laxmi Narayan Yagya Ki Tayyari : गोलमुरी के न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ 23 से

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सनातन आस्था और श्रद्धा का होगा विराट संगम, आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में

जमशेदपुर : गोलमुरी क्षेत्र स्थित न्यू केबुल टाउन सामुदायिक भवन मैदान में आगामी 23 अप्रैल से 1 मई तक आयोजित होनेवाले श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति द्वारा आयोजित इस नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को सनातन संस्कृति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के महापर्व के रूप में देखा जा रहा है. आयोजन समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर के नेतृत्व में समिति द्वारा इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है. इस महायज्ञ का सानिध्य गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा का प्राप्त होगा, जिनके मार्गदर्शन में संपूर्ण अनुष्ठान विधिवत संपन्न होगा. महायज्ञ का शुभारंभ 23 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा, जो ओल्ड केबुल टाउन स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिरला मंदिर) से प्रारंभ होकर यज्ञ स्थल तक पहुंचेगी. इस कलश यात्रा में सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगाजल से भरे कलश के साथ हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे. इस निमित्त, लक्ष्मीनारायण मंदिर और यज्ञ स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है.
सनातन परंपरा के अनुरूप 21 अप्रैल से ही संपूर्ण रामायण पाठ का आयोजन प्रारंभ हो जाएगा. 23 अप्रैल से प्रारंभ होनेवाले इस महायज्ञ के अंतर्गत प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक भजन, कीर्तन एवं प्रवचन होगा. प्रसिद्ध कथावाचक रामचरित्र दास जी महाराज अपने सहयोगियों के साथ संगीतमय कथा, झांकी एवं आदर्श जीवन पर आधारित प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों का संदेश देंगे.

नौ कुंडीय यज्ञशाला का हो रहा निर्माण

आयोजन समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर ने बताया कि महायज्ञ के लिए नौ कुंडीय यज्ञशाला का निर्माण किया गया है, जहां आचार्य लाल मोहन शास्त्री (बनारस) अपने 21 सदस्यीय दल के साथ समस्त वैदिक अनुष्ठानों का संचालन करेंगे. साथ ही, 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर पूरे परिसर को दिव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है. कथा के लिए मजबूत पक्के एवं लोहे के फ्रेमनुमा पंडाल बनाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सुरक्षित व्यवस्था मिलेगी. उन्होंने बताया कि पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों भक्त महाप्रसाद ग्रहण करेंगे. 1 मई को मुख्य यज्ञ, पूर्णाहुति और विशाल महाभंडारा का आयोजन होगा, जबकि 2 मई को रामार्चा पूजा एवं प्रसाद वितरण के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा.

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