लाखों मछलियों के मरने के बाद बाबूडीह-लालभट्ठा स्वर्णरेखा नदी घाट का किया भ्रमण
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गुरुवार को भुईंयाडीह के बाबूडीह और लालभ_ा स्वर्णरेखा नदी घाट का भ्रमण किया, जहां गत 31 मार्च को भीषण जलप्रदूषण के कारण लाखों मछलियां मर गईं थी. तीन दिन बाद भी ये नदी घाट बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियों से पटे हुए हैं. मरी हुई मछलियों में कीड़े लग रहे है, जिससे भीषण दुर्गन्ध आ रही है. नदी का पानी भी किनारे पर काले रंग का हो गया है. स्पष्ट है कि रिहायशी इलाकों एवं टाटा स्टील की फैक्ट्री से होकर नदी में गिरनेवाले बड़े नालों का दूषित बहिस्राव नदी के प्रदूषण और मछलियों के मरने का कारण है. यह दूषित बहिस्राव टाटा स्टील की फैक्ट्री से निकला है या रिहायशी इलाकों में चलनेवाली अवैध गतिविधियों से, यह जांच का विषय है. श्री राय ने बताया कि मछलियों के मरने के प्रासंगिक विषय में उन्होंने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर टाटा स्टील लिमिटेड की फैक्ट्री से 30 मार्च और 1 अप्रैल के बीच निकलनेवाले प्रदूषण के आंकड़ों की तलाश की तो पता चला कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर कोई आंकड़ा ही उपलब्ध नहीं है. सरयू ने कहा कि सरकारी क्षेत्र के तीन संगठन ऐसे हैं, जिन्हें इस बारे में गंभीर पहल करनी चाहिए. उनमें उपायुक्त, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति. इन तीनों संगठनों ने बड़ी संख्या में मछलियों के मरने के बारे में क्या कदम उठाए हैं, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए.