Jharkhand Assembly JTET Issue : जेटेट अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को लेकर गरमाया सदन, बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा, मंत्री ने दिया कोर्ट का हवाला
Jharkhand Assembly JTET Protest
Ranchi/Jharkhand : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा गूँजा। विपक्षी दलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। सदन में सरकार की कार्यप्रणाली और परीक्षाओं में हो रही देरी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली।
युवाओं पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी
सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
बाबूलाल के तर्क
- परीक्षा में देरी : जब सरकार समय पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (JETET) आयोजित नहीं करेगी, तो हताश युवाओं का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक है।
- जवाबदेही से बचना : सरकार अब भी पिछली सरकारों पर दोष मढ़कर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है।
- सुधार की कमी : राज्य में वर्तमान सरकार को छह वर्ष होने को आए हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य को लेकर कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है।
सिस्टम की कमियां दूर कर रहे हैं : सरकार
विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने सदन को सूचित किया कि जेटेट परीक्षा के आयोजन को लेकर माननीय उच्च न्यायालय (High Court) ने 31 मार्च तक का समय निर्धारित किया है। सरकार न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कदम उठा रही है।
मंत्री ने स्वीकार किया कि अतीत में व्यवस्था (System) में कुछ खामियां जरूर रही थीं, जिन्हें वर्तमान में दुरुस्त करने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से आयोजित की जाएंगी। लाठीचार्ज के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए गए थे।
सदन में तीखी नोकझोंक
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि सरकार युवाओं के रोजगार के अधिकार को दबाने के लिए बल प्रयोग का सहारा ले रही है। काफी देर तक चली इस बहस के कारण सदन की कार्यवाही में भी बाधा आई। फिलहाल, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह जल्द ही जेटेट परीक्षा की समय-सारणी स्पष्ट करेगी।
