सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड में इस साल कम बारिश और सूखे (सुखाड़) की संभावित आशंका को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसके मद्देनजर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों में 20 से 22 मई तक खरीफ मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौसम में आ रहे बदलावों के बीच किसानों को भारी नुकसान से बचाना और उन्हें सुरक्षित खेती के उपाय सिखाना है।
📢 प्रमुख निर्णय और रणनीति
एक्शन प्लान: जिला कृषि अधिकारियों को सूखे से निपटने के लिए आकस्मिक योजना (Contingent Plan) तैयार कर लागू करने का निर्देश दिया गया है।
फसल विविधीकरण: कम पानी वाली फसलों (मक्का, रागी, सोयाबीन) और कम समय में तैयार होने वाले धान के बीजों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सिंचाई सुविधा: तालाबों के जीर्णोद्धार के साथ ही सोलर पंप और ड्रिप इरीगेशन (टपक सिंचाई) के टेंडर जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
🌾 खरीफ मेले की रूपरेखा और भागीदारी
मेले का आयोजन: 20-22 मई तक आयोजित इन मेलों में उन्नत कृषि यंत्र, मृदा जांच और जैविक खेती की जानकारी दी जा रही है।
भागीदारी: जिला स्तर पर 500 और प्रखंड स्तर पर प्रति पंचायत 50 प्रगतिशील किसानों को शामिल करने का लक्ष्य है
झारखंड राज्य फसल राहत योजना के माध्यम से, सरकार रैयत और भूमिहीन दोनों तरह के प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई करने के लिए पहले से ही तैयारी कर रही है।