May 3, 2026

Jharkhand High Court: “झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अब CO नहीं कर पाएंगे निजी जमीन की मापी और सीमांकन”

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड: झारखंड हाई कोर्ट ने जमीन विवादों में प्रशासनिक दखल को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने अंचल अधिकारियों (CO) द्वारा निजी जमीन की मापी और सीमांकन (Demarcation) करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

न्यायिक प्रक्रिया: जस्टिस आनंदा सेन की अदालत ने स्पष्ट किया कि जमीन की मापी और सीमांकन एक न्यायिक प्रक्रिया है, जो मुख्य रूप से सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आती है।

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प्रशासनिक दखल पर रोक: कोर्ट ने कहा कि अगर दो निजी पक्षों के बीच जमीन को लेकर कोई विवाद है, तो उसका निपटारा केवल सक्षम सिविल कोर्ट के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों (CO) का हस्तक्षेप उचित नहीं है।

सरकार से मांगा जवाब: अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह शपथ पत्र दाखिल कर यह बताए कि प्रशासनिक अधिकारी किस कानून और अधिकार के तहत निजी जमीनों की मापी कर रहे हैं।

अधिकारों का हस्तांतरण: कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य गठन के बाद यदि कैबिनेट के किसी फैसले से अधिकारियों को यह शक्ति दी गई थी, तो उसे न्यायिक अधिकारों का वैध हस्तांतरण नहीं माना जा सकता।

यह मामला रुक्मणी देवी द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें निजी जमीन के सीमांकन की प्रशासनिक प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। इस मामले की अगली सुनवाई अब छह सप्ताह बाद होगी।

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