Supreme Court hearing on Aadhaar: आधार पर सुप्रीम सुनवाई: “घुसपैठियों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, 6 साल से ऊपर के आधार कार्ड पर सख्त नियमों की मांग”
सर्च न्यूज: सच के साथ: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार, 4 मई (निर्धारित तिथि) को आधार कार्ड जारी करने के नियमों को और अधिक कड़ा बनाने के लिए दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई होनी है।
याचिका का उद्देश्य: वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर इस याचिका में मांग की गई है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) को नया आधार कार्ड केवल 6 साल तक के बच्चों को ही जारी करने का निर्देश दिया जाए。
सख्त गाइडलाइन की मांग: किशोरों और वयस्कों के लिए आधार बनवाने की प्रक्रिया को अत्यंत सख्त बनाने और इसे सीधे एसडीएम (SDM) या तहसीलदार जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के वेरिफिकेशन के बाद ही जारी करने का सुझाव दिया गया है।
घुसपैठ रोकने का तर्क: याचिकाकर्ता का कहना है कि वर्तमान कमजोर वेरिफिकेशन प्रक्रिया का फायदा उठाकर घुसपैठिए आसानी से आधार कार्ड बनवा लेते हैं और फिर इसके आधार पर राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य दस्तावेज़ हासिल कर खुद को भारतीय नागरिक के रूप में पेश करते हैं।
सुनवाई करने वाली बेंच: इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच द्वारा की जाएगी。
अतिरिक्त मांगें
स्पष्ट घोषणा: याचिका में मांग की गई है कि सभी आधार सेवा केंद्रों पर बड़े बोर्ड लगाए जाएं, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा हो कि आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है, यह नागरिकता, पते या जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है。
संसाधनों का दुरुपयोग: याचिका के अनुसार, आधार के गलत इस्तेमाल से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गलत हाथों में जा रहा है और सार्वजनिक संसाधनों का नुकसान हो रहा है।