June 27, 2026

झारखंड बनेगा पूर्वी भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब? बड़ी रणनीति तैयार

CII

जमशेदपुर में आयोजित सीआईआई झारखंड मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव 2026 में राज्य के औद्योगिक भविष्य को लेकर बड़ा विज़न सामने आया। उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि तकनीक, नवाचार और हरित विकास को अपनाकर झारखंड पूर्वी भारत का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है। सम्मेलन का विषय था “Transforming Manufacturing: Leadership, Technology & Green Growth”।

कॉन्क्लेव में जेआईएडीए और जिआडको के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने कहा कि झारखंड औद्योगिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने बेहतर औद्योगिक भूमि, विश्वसनीय बिजली, मजबूत लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई सप्लाई चेन और आधुनिक तकनीक को राज्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है।

टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम ने कहा कि भविष्य का उद्योग केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि टिकाऊ विकास, ऊर्जा दक्षता, डीकार्बोनाइजेशन और जिम्मेदार संसाधन उपयोग पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के समृद्ध खनिज संसाधन और मजबूत औद्योगिक आधार राज्य को देश के प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।

सम्मेलन में विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि इंडस्ट्री, सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और टेक्नोलॉजी साझेदारों के बीच मजबूत सहयोग ही झारखंड को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग हब बना सकता है। कॉन्क्लेव का समापन राज्य में आधुनिक, टिकाऊ और तकनीक-आधारित औद्योगिक विकास को गति देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।