सर्च न्यू , सच के साथ : धनबाद – “सपने वो नहीं जो सोते वक्त आएं, सपने वो हैं जो नींद ही नहीं आने दें…” इस विचार को साकार कर दिखाया है झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) 2023 के टॉपर आशीष अक्षत ने। धनबाद निवासी आशीष की सफलता की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। एक ऐसा युवा, जिसने निजी क्षेत्र में एक सशक्त करियर होते हुए भी अपने असली लक्ष्य को नहीं छोड़ा और झारखंड प्रशासनिक सेवा की सर्वोच्च पायदान पर पहुंच गया।
शिक्षा से मजबूत हुईनींव आशीष की शिक्षा की शुरुआत धनबाद स्थित De Nobili School, CMRI से हुई, जहां उन्होंने वर्ष 2009 में 10वीं कक्षा में 89% और फिर 2011 में 12वीं (साइंस स्ट्रीम) में 76.6% अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जमशेदपुर से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक (B.Tech) किया, जिसमें उन्होंने 2016 में 78.8% अंकों के साथ डिग्री प्राप्त की। यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनके प्रशासनिक सेवा की तैयारी में मजबूत आधार बनी।
निजी क्षेत्र में सफलता‚ लेकिन नज़रों में थी प्रशासनिक सेवा तकनीकी क्षेत्र में अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बाद आशीष ने Blinkit में Assistant Manager के रूप में काम करना शुरू किया और वर्तमान में TATA 1mg में कार्यरत हैं। जहां एक ओर करियर का ग्राफ ऊपर जा रहा था, वहीं दूसरी ओर उनका सपना था—जनसेवा में योगदान देना। उन्होंने इस उद्देश्य को कभी नहीं छोड़ा और नौकरी के साथ-साथ पूरे समर्पण से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी।
परिश्रम‚ धैर्य और लक्ष्य के प्रति निष्ठा बना सफलता की कुंजी आशीष अक्षत की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसी लक्ष्य को लेकर ईमानदारी और निरंतरता हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने कठिन शेड्यूल के बीच समय निकालकर न केवल पढ़ाई की, बल्कि खुद को लगातार आत्मविश्लेषण और सुधार के माध्यम से मजबूत बनाया।
आज आशीष न केवल JPSC 2023 के टॉपर बने हैं, बल्कि उन्होंने यह भी साबित किया है कि “इंजीनियरिंग की डिग्री और कॉर्पोरेट जॉब होते हुए भी यदि दिल में जज़्बा हो, तो कोई भी युवा प्रशासनिक सेवा तक पहुंच सकता है।