सर्च न्यूज: सच के साथ: कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती शहर में भाजपा युवा मोर्चा के नेता वेंकटेश कुरुबारा (लोकप्रिय नाम: JNN वेंकी) की हत्या के मामले में 30 अप्रैल, 2026 को अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
घटना का घटनाक्रम (अक्टूबर 2025):
तारीख और समय: यह घटना 8 अक्टूबर, 2025 की रात करीब 2 बजे की है।वारदात: वेंकटेश अपने दोस्तों के साथ खाना खाकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रायचूर-लिंगसुगुर रोड पर लीलावती अस्पताल के पास एक कार ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मारी।
हमला: बाइक से गिरने के बाद, कार से उतरे हमलावरों ने उन पर मachetes (धारदार हथियार) और लोहे की छड़ों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उन्हें सड़क के किनारे घसीटा गया और बेरहमी से मार डाला गया।
बचाव की कोशिश: गंभीर रूप से घायल वेंकटेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हत्या के पीछे की वजह (रंजिश):
मुख्य कारण: जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी निजी रंजिश का परिणाम थी।
गवाह होना: वेंकटेश “मारुति” नाम के एक युवक की हत्या के मामले में चश्मदीद गवाह थे। मारुति की हत्या गंगावती रेलवे स्टेशन के पास की गई थी। वेंकटेश ने मारुति के इलाज और न्याय के लिए अंत तक समर्थन किया था, जिससे अपराधी उनसे बदला लेना चाहते थे |
धमकियाँ: उनके पिता के अनुसार, मुख्य आरोपी रवि ने 2024 में व्हाट्सएप के जरिए वेंकटेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
कोर्ट का फैसला (30 अप्रैल, 2026):
ऐतिहासिक सजा: प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश सदानंद नागप्पा नायक ने 6 दोषियों को मौत की सजा (फांसी) सुनाई।
दोषियों के नाम: सजा पाने वालों में रवि, विजय (मैलारी), धनराज, भीमा (भरत), सलीम और गंगाधर गवली शामिल हैं।जुर्माना: कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे सीधे पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा।प्रतीकात्मक संकेत: मृत्युदंड सुनाने के बाद जज ने प्रतीकात्मक रूप से अपनी कलम तोड़ दी।
बरी: सबूतों के अभाव में 6 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में मात्र दो महीने के भीतर 11 लोगों के खिलाफ 927 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।