June 16, 2026

NEET री-एग्जाम से पहले सरकार अलर्ट! पेपर सुरक्षा से लेकर छात्रों की सुविधा तक, हर मोर्चे पर कड़ी निगरानी

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नई दिल्ली: NEET (UG) री-एग्जाम 2026 को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों और लाखों छात्रों की उम्मीदों के बीच अब सरकार ने सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सोमवार को राज्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने के निर्देश दिए।

21 जून को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। बैठक में विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर जोर दिया गया—छात्रों की सुविधा, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा की निष्पक्षता। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के उन कर्मियों को तैनात किया गया है जिनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह स्वच्छ रहा है। उद्देश्य साफ है—परीक्षा प्रक्रिया पर किसी भी तरह की शंका या विवाद की संभावना को समाप्त करना।

सरकार का मानना है कि परीक्षा केवल एक टेस्ट नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा अहम पड़ाव है। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों के लिए परीक्षा केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षार्थियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

शिक्षा जगत की नजरें अब 21 जून पर टिकी हैं। देशभर के लाखों छात्र इस परीक्षा के माध्यम से अपने मेडिकल करियर की दिशा तय करेंगे। ऐसे में सरकार की यह तैयारी एक स्पष्ट संदेश देती है कि इस बार परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि कड़े सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक निगरानी के बीच NEET री-एग्जाम कितनी सफलतापूर्वक संपन्न होता है और क्या यह छात्रों के भरोसे को और मजबूत कर पाता है।