राज्य का दर्जा बना बड़ा सियासी मुद्दा! संसद सत्र शुरू होते ही जंतर-मंतर पर शक्ति प्रदर्शन करेंगे उमर अब्दुल्ला
श्रीनगर/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में पहुंचती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) इस मुद्दे को अब और अधिक मजबूती से उठाएगी। इसी रणनीति के तहत संसद के आगामी मानसून सत्र के पहले ही दिन पार्टी के विधायक दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर केंद्र सरकार को उसके पुराने वादे की याद दिलाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही जंतर-मंतर से पूरे देश को यह संदेश दिया जाएगा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की अपेक्षाएं अभी भी अधूरी हैं। उनका मानना है कि राज्य का दर्जा बहाल होने से प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा जनता का विश्वास और अधिक बढ़ेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि केंद्र पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकता है और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों से जम्मू-कश्मीर की राजनीति के केंद्र में रहा है। अब जब मानसून सत्र करीब है, तो इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। ऐसे में जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले दिनों की राजनीतिक दिशा तय करने वाला संकेत भी माना जा रहा है।
अब सबकी नजरें मानसून सत्र के पहले दिन पर टिकी हैं। क्या केंद्र इस मांग पर कोई नया संकेत देगा या राज्य का दर्जा फिर एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का विषय बनेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।
