June 16, 2026

राज्यसभा रण से पहले NDA का शक्ति प्रदर्शन! बंद कमरे में बनी जीत की रणनीति, परिमल नथवाणी को लेकर बड़ा दावा

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रांची: झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में एनडीए विधायक दल की अहम बैठक हुई, जहां निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी की जीत सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।

बैठक में केवल औपचारिक चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि मतदान के दिन की पूरी रणनीति पर भी फोकस किया गया। विधायकों को वोटिंग प्रक्रिया, समय पर मतदान केंद्र पहुंचने और चुनावी अनुशासन को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। बैठक में परिमल नथवाणी के अलावा आजसू प्रमुख सुदेश महतो और अन्य सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे, जिससे एनडीए की एकजुटता का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश दिखाई दी।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह विश्वास जताया गया कि परिमल नथवाणी को केवल एनडीए का ही नहीं, बल्कि विभिन्न दलों के विधायकों का भी समर्थन मिल सकता है। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि नथवाणी के कार्यों और अनुभव के कारण उन्हें व्यापक स्वीकार्यता हासिल है। वहीं पार्टी नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी नतीजों को लेकर विरोधी खेमे में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है।

दूसरी ओर, विपक्ष भी पूरी ताकत झोंक रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने सहयोगी दलों के नेताओं से संपर्क बढ़ा दिया है और समर्थन जुटाने की कवायद तेज कर दी है। इससे साफ है कि राज्यसभा की यह लड़ाई केवल संख्या बल की नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की भी बन चुकी है।

अब सबकी निगाहें मतदान के दिन पर टिकी हैं। क्या एनडीए का भरोसा जीत में बदलेगा या विपक्ष कोई नया समीकरण खड़ा करेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में मिल जाएगा, लेकिन फिलहाल झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव सबसे चर्चित मुकाबला बन चुका है।

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