बिहार के नवादा जिले में पुरानी रंजिश ने सोमवार को ऐसा खूनी मोड़ लिया जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। कोर्ट परिसर में खुलेआम “दो दिन में दो लोगों को मार देंगे” की धमकी देने के महज़ दो घंटे बाद दो युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुए इस हमले ने कानून-व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतकों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद काशिफ और 21 वर्षीय मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में मामा-भांजा बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पिछले करीब छह महीनों से जमीन विवाद, मारपीट और आपसी तनाव को लेकर लगातार झगड़ा चल रहा था। मामला पुलिस तक भी पहुंचा था और दोनों पक्षों पर केस दर्ज थे।
सोमवार को आरोपी पक्ष का सदस्य फहीम मलिक एक पुराने मामले में जमानत के लिए कोर्ट पहुंचा था, लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद कोर्ट परिसर में ही आरोपी पक्ष की ओर से धमकी दी गई कि “दो दिन के अंदर तुम्हारे घर के दो लोगों को खत्म कर देंगे।”
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोर्ट से लौटने के बाद आरोपी पक्ष पहले से हमले की तैयारी में था। जैसे ही काशिफ और अहमद वहां पहुंचे, उन पर चाकू और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। हमला इतना खतरनाक था कि दोनों युवकों के शरीर पर कई गहरे घाव मिले। बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान आरोपी पक्ष की महिलाओं ने भी हथियार उपलब्ध कराए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और पुलिस लगातार छापेमारी कर बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर खुलेआम दी गई धमकी के बावजूद इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई। गांव में फिलहाल डर और गुस्से का माहौल है, जबकि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।