लिंग जांच गैंग का भंडाफोड़, डॉक्टर समेत दो गिरफ्तार
एनसीआर में अवैध भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। मेरठ के सरधना स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर डिकॉय ऑपरेशन के दौरान एक डॉक्टर और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह गर्भवती महिलाओं को हरियाणा से उत्तर प्रदेश लाकर गैरकानूनी तरीके से लिंग जांच और कथित रूप से कन्या भ्रूण होने पर गर्भपात की व्यवस्था करता था।
छापेमारी के दौरान चिन्हित नकदी बरामद की गई और जांच में सामने आया कि अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉ. कृष्ण कबीर के पास केवल एमबीबीएस की डिग्री थी तथा वह इस प्रकार की जांच करने के लिए अधिकृत नहीं थे। अधिकारियों ने यह भी पाया कि संबंधित अल्ट्रासाउंड मशीन और केंद्र PCPNDT अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं थे। यह कानून भ्रूण के लिंग की पहचान और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया है।
हालांकि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का विरोध किया और सेंटर संचालक बताए जा रहे एक आरोपी को मौके से भगा ले गए। पुलिस ने डॉक्टर और बिचौलिए को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, सरकारी कार्य में बाधा डालने, PCPNDT अधिनियम तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
