“मैं हारी नहीं हूं…” — मां बनने के बाद मैट पर लौटीं विनेश फोगाट, सिस्टम पर फूटा गुस्सा
हार के बाद अक्सर खिलाड़ी चुप हो जाते हैं…लेकिन विनेश फोगाट ने हारकर भी ऐसी बात कही जिसने पूरे खेल जगत में बहस छेड़ दी।
मां बनने के बाद पहली बार बड़े मुकाबले में उतरीं विनेश का सफर सिर्फ कुश्ती तक सीमित नहीं था।यह वापसी संघर्ष, मानसिक दबाव और सिस्टम से लड़ाई की कहानी बन गई।
“मुझे रोकने की कोशिश हुई”
हार के तुरंत बाद विनेश ने रेसलिंग प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद उन्हें परेशान किया गया, गलत वेट कैटेगरी में भेजने की कोशिश हुई और मानसिक दबाव बनाया गया।विनेश ने दावा किया कि मुकाबलों की टाइमिंग और ड्रॉ भी उनके खिलाफ रखे गए।
“10 महीने पहले मां बनी थी…”
31 वर्षीय विनेश ने कहा कि उनका सबसे बड़ा गर्व यह है कि बेटे के जन्म के सिर्फ 10 महीने बाद वे फिर से मैट पर लौट सकीं।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी वापसी नहीं, बल्कि उन महिला खिलाड़ियों के लिए उम्मीद है जो मां बनने के बाद खेल में लौटना चाहती हैं।
LA Olympics 2028 पर नजर
सेमीफाइनल हारने के बावजूद विनेश का आत्मविश्वास टूटा नहीं है।उन्होंने साफ कहा कि उनका लक्ष्य अब भी 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक है।
खेल से ज्यादा सिस्टम पर सवाल
विनेश के बयान के बाद अब चर्चा सिर्फ हार-जीत की नहीं रही।लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या भारत में खिलाड़ियों को सच में निष्पक्ष माहौल मिल पाता है?एक तरफ मैट पर संघर्ष…दूसरी तरफ सिस्टम से लड़ाई…विनेश फोगाट की यह वापसी शायद इसी वजह से लोगों को सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं, बल्कि हिम्मत और जिद की मिसाल लग रही है।
